कोच्चि का आज का पंचांग शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · आषाढ़ कृष्ण द्वितीया
कोच्चि में आज सूर्योदय 06:15 IST पर है — नई दिल्ली से 32 मिनट बाद, क्योंकि यह नगर 76.27°पू पर है जबकि घड़ी 82.5°पू के लिए तय है। नीचे दिया हर मान इसी स्थानीय सूर्योदय पर पढ़ा गया है, जो परंपरागत आधार है।
आज का पंचांग
तिथि क्रम
| दिन | तिथि | समाप्ति |
|---|---|---|
| कल (बीता) · गुरु 30 जुलाई | कृष्ण प्रतिपदा | 21:16 |
| आज · शुक्र 31 जुलाई | कृष्ण द्वितीया | 22:19 |
| कल (आने वाला) · शनि 1 अगस्त | कृष्ण तृतीया | 22:59 |
आज का विशेष
ओणम तिथि-पर्व नहीं, नक्षत्र-पर्व है — तिरुवोणम श्रवण नक्षत्र का मलयालम नाम है, और दस दिन का उत्सव चिंगम मास में उसी नक्षत्र पर समाप्त होता है। विषु सूर्य के मेष प्रवेश पर है, और विषुक्कणि सूर्योदय से पहले पहली रोशनी में देखा जाता है।
कोच्चि में आज आषाढ़ कृष्ण द्वितीया है, जो 22:19 तक रहेगी। कुछ भी नया आरंभ करने के लिए राहु काल 10:57–12:31 से बचें; दिन की सबसे स्वच्छ खिड़की अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56 है।
कोच्चि — आगामी सात दिन
| दिनांक | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र 31 जुलाई | कृष्ण द्वितीया | धनिष्ठा | 10:57–12:31 |
| शनि 1 अगस्त | कृष्ण तृतीया | शतभिषा | 09:23–10:57 |
| रवि 2 अगस्त | कृष्ण चतुर्थी | पूर्वा भाद्रपद | 17:14–18:48 |
| सोम 3 अगस्त | कृष्ण पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | 07:49–09:23 |
| मंगल 4 अगस्त | कृष्ण षष्ठी | रेवती | 15:39–17:13 |
| बुध 5 अगस्त | कृष्ण सप्तमी | अश्विनी | 12:31–14:05 |
| गुरु 6 अगस्त | कृष्ण अष्टमी | भरणी | 14:05–15:39 |
कोच्चि का मासिक कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोच्चि में आज सूर्योदय कब है, और वह दिल्ली से अलग क्यों है?
कोच्चि में आज सूर्योदय 06:15 IST और सूर्यास्त 18:48 IST पर है — नई दिल्ली की तुलना में 32 मिनट बाद। कारण देशांतर है: पूरा भारत एक ही घड़ी (82.5°पू) पर चलता है, जबकि कोच्चि 76.27°पू पर स्थित है, और हर डिग्री लगभग चार मिनट का अंतर लाती है। इस पृष्ठ की तिथि, नक्षत्र, राहु काल और चौघड़िया — सब इसी स्थानीय सूर्योदय से गिने गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नहीं।
यह पृष्ठ कोच्चि के लिए कौन-सी मास-परंपरा मानता है, और क्या इससे तिथि बदलती है?
केरल कोल्लवर्षम चलाता है, एक सौर संवत जिसके मास सूर्य की राशि के साथ बदलते हैं और जिसका वर्ष अगस्त में चिंगम 1 से खुलता है — न अप्रैल में, न अमावस्या पर। यहाँ दिया चांद्र मास अमांत है, जो तिथि-आधारित व्रतों के लिए रखा गया है; मलयालम पंचांगम उसी दिन को अपनी सौर तारीख़ से गिनेगा। नक्षत्र पर दोनों पूरी तरह सहमत हैं, और केरल में प्रायः नक्षत्र ही अधिक देखा जाता है। आज अमांत परंपरा इस मास को आषाढ़ कहती है और पूर्णिमांत परंपरा श्रावण — तिथि दोनों में एक ही है।
यह पृष्ठ क्या नहीं बता सकता
यह पंचांग है, जन्मपत्री नहीं। यहाँ की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और काल सबके लिए एक जैसे हैं — इनमें आपकी जन्मकुंडली, चंद्र राशि, चल रही महादशा या किसी मुहूर्त पर उदित होने वाला लग्न शामिल नहीं है। कई व्रतों का अपना नियम है: जन्माष्टमी मध्यरात्रि से तय होती है, दीपावली प्रदोष से, और कुछ एकादशी व्रत पारण-काल से — ऐसे दिनों में मंदिर की घोषणा इस पृष्ठ से एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। संदेह हो तो अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से मिलान करें।
गणना कैसे की गई
सूर्योदय और सूर्यास्त NOAA सौर-स्थिति मॉडल से कोच्चि के वास्तविक निर्देशांक (9.9312°N, 76.2673°E) के लिए निकाले गए हैं। तिथि, नक्षत्र, योग और करण लाहिड़ी सायन-निरयन अंतर (अयनांश) पर आधारित निरयन गणना से, उसी स्थानीय सूर्योदय पर पढ़े गए हैं, और उनके समाप्ति-समय द्विभाजन विधि से लगभग एक मिनट की परिशुद्धता तक खोजे गए हैं। कोई मान किसी छपे हुए पंचांग से नक़ल नहीं किया गया।