हरिद्वार का आज का पंचांग शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 · श्रावण कृष्ण द्वितीया
हरिद्वार में आज सूर्योदय 05:36 IST पर है — नई दिल्ली से 6 मिनट पहले, क्योंकि यह नगर 78.16°पू पर है जबकि घड़ी 82.5°पू के लिए तय है। नीचे दिया हर मान इसी स्थानीय सूर्योदय पर पढ़ा गया है, जो परंपरागत आधार है।
आज का पंचांग
तिथि क्रम
| दिन | तिथि | समाप्ति |
|---|---|---|
| कल (बीता) · गुरु 30 जुलाई | कृष्ण प्रतिपदा | 21:16 |
| आज · शुक्र 31 जुलाई | कृष्ण द्वितीया | 22:19 |
| कल (आने वाला) · शनि 1 अगस्त | कृष्ण तृतीया | 23:00 |
आज का विशेष
हर की पौड़ी का स्नान-कैलेंडर उन्हीं तिथियों से बनता है जिनकी गणना यह पृष्ठ करता है — सोमवती अमावस्या, कार्तिक पूर्णिमा और ज्येष्ठ शुक्ल दशमी की गंगा दशहरा। ब्रह्मकुंड की संध्या आरती सूर्यास्त पर होती है, और अमावस्या को घाट रात भर भरे रहते हैं क्योंकि अगले सूर्योदय की तिथि ही स्नान तय करती है।
हरिद्वार में आज श्रावण कृष्ण द्वितीया है, जो 22:19 तक रहेगी। कुछ भी नया आरंभ करने के लिए राहु काल 10:42–12:24 से बचें; दिन की सबसे स्वच्छ खिड़की अभिजित मुहूर्त 11:57–12:51 है।
हरिद्वार — आगामी सात दिन
| दिनांक | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| शुक्र 31 जुलाई | कृष्ण द्वितीया | धनिष्ठा | 10:42–12:24 |
| शनि 1 अगस्त | कृष्ण तृतीया | शतभिषा | 09:00–10:42 |
| रवि 2 अगस्त | कृष्ण चतुर्थी | पूर्वा भाद्रपद | 17:29–19:10 |
| सोम 3 अगस्त | कृष्ण पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | 07:19–09:01 |
| मंगल 4 अगस्त | कृष्ण षष्ठी | रेवती | 15:46–17:27 |
| बुध 5 अगस्त | कृष्ण सप्तमी | अश्विनी | 12:23–14:05 |
| गुरु 6 अगस्त | कृष्ण अष्टमी | भरणी | 14:04–15:45 |
हरिद्वार का मासिक कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरिद्वार में आज सूर्योदय कब है, और वह दिल्ली से अलग क्यों है?
हरिद्वार में आज सूर्योदय 05:36 IST और सूर्यास्त 19:12 IST पर है — नई दिल्ली की तुलना में 6 मिनट पहले। कारण देशांतर है: पूरा भारत एक ही घड़ी (82.5°पू) पर चलता है, जबकि हरिद्वार 78.16°पू पर स्थित है, और हर डिग्री लगभग चार मिनट का अंतर लाती है। इस पृष्ठ की तिथि, नक्षत्र, राहु काल और चौघड़िया — सब इसी स्थानीय सूर्योदय से गिने गए हैं, किसी दिल्ली-आधारित पंचांग से नहीं।
यह पृष्ठ हरिद्वार के लिए कौन-सी मास-परंपरा मानता है, और क्या इससे तिथि बदलती है?
हरिद्वार पूर्णिमांत मास रखता है, और यह भारत का सबसे स्पष्ट स्थान है जहाँ दिखता है कि पंचांग क्या नहीं कर सकता: यहाँ का कुंभ बृहस्पति और सूर्य की राशियों से, बारह वर्ष के चक्र पर तय होता है, और उसके शाही स्नान मुहूर्त अखाड़ा परिषदें घोषित करती हैं। यह पृष्ठ दैनिक पाँच अंग गिनता है और इनमें से कुछ नहीं गिनता — जहाँ वह मौन है, वह मौन कहकर है। आज अमांत परंपरा इस मास को आषाढ़ कहती है और पूर्णिमांत परंपरा श्रावण — तिथि दोनों में एक ही है।
यह पृष्ठ क्या नहीं बता सकता
यह पंचांग है, जन्मपत्री नहीं। यहाँ की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और काल सबके लिए एक जैसे हैं — इनमें आपकी जन्मकुंडली, चंद्र राशि, चल रही महादशा या किसी मुहूर्त पर उदित होने वाला लग्न शामिल नहीं है। कई व्रतों का अपना नियम है: जन्माष्टमी मध्यरात्रि से तय होती है, दीपावली प्रदोष से, और कुछ एकादशी व्रत पारण-काल से — ऐसे दिनों में मंदिर की घोषणा इस पृष्ठ से एक दिन आगे-पीछे हो सकती है। संदेह हो तो अपने स्थानीय पंचांग या पुरोहित से मिलान करें।
गणना कैसे की गई
सूर्योदय और सूर्यास्त NOAA सौर-स्थिति मॉडल से हरिद्वार के वास्तविक निर्देशांक (29.9457°N, 78.1642°E) के लिए निकाले गए हैं। तिथि, नक्षत्र, योग और करण लाहिड़ी सायन-निरयन अंतर (अयनांश) पर आधारित निरयन गणना से, उसी स्थानीय सूर्योदय पर पढ़े गए हैं, और उनके समाप्ति-समय द्विभाजन विधि से लगभग एक मिनट की परिशुद्धता तक खोजे गए हैं। कोई मान किसी छपे हुए पंचांग से नक़ल नहीं किया गया।